संदीप महेश्वरी नाम तो सुना ही होगा।अगर नहीं सुना तो मैं आपको बता दूं संदीप महेश्वरी इंडिया के सबसे बड़े मोटिवेशन स्पीकर है।जिनके यूट्यूब पर 15 मिलीयनसे भी ज्यादा सब्सक्राइबर है जो इन्हें इंडिया का टॉप मोटिवेशन स्पीकर बनाता है। संदीप महेश्वरी सर ने लाखों लोगों की जिंदगी सवारी हैं।संदीप माहेश्वरी ने लोगों को जिंदगी जीने का सही तरीका बताया है इसलिए आज हम संदीप महेश्वरी सर के कुछ प्रेरणादायक विचारों पर नजर डालेंगे। Most powerful quotes by Sandeep Maheshwari in Hind Sandeep Maheshwari Hindi Quotes 1.मेहनत इतनी खामोशी से करो …
हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब मेरा नाम है समीर और आप पढ़ना शुरू कर चुके हो मेरी कहानी- Samstorieshindi क्या मेहनत करना जरूरी है? मेहनत जरूरी है। Success के लिए मेहनत करना जरूरी नहीं। बहुत जरूरी है। सोकर Time pass करके ही सफलता मिल जाती तो सफलता की कोई सीमा नहीं होती। मैंने पिछले इस Blog में भी बताया था। कि ये जो सफलता है ना वो सिर्फ सफल लोगों की तरफ ही जाना पसंद करती हैं। इसलिए इस सफलता को अपने पास बुलाने के लिए सफल होना जरूरी है। ओर सफल होने के लिए पढ़ाई (मेहनत) करना जरूरी है। अगर ऐसा करोगे तभी सफल हो जाओगे। नहीं तो …
मां के लिए शायरी! Mother day special quotes "यह ऐसा कर्ज है जो मैं अदा नहीं कर सकता मैं जब तक घर ना लौटू मेरी मां सजदे मे रहती है......! " मां का दिन नहीं होता है मां से ही दिन होता है.....! "यह जो मां की मोहब्बत होती है ना, यह सभी मोहब्बत की मां होती है......! डांट कर बच्चों को खुद अकेले में रोती है, वह मां है साहब जो ऐसे ही होती है.....! "मां की तरह को…
मोबाइल से पहले की दुनिया कैसी थी? कैसे हैं आप सब समीर नाम है हमारा और आप पढ़ना शुरू कर चुके हैं मेरी कहानी- SamStoriesHindi ! Mobile se pehele ki duniya मोबाइल से पहले की दुनिया एक हसीन दुनिया थी। हां मैं मानता हूं मोबाइल फोन, इंटरनेट से हमें बहुत सुविधाएं मिली है। ये सुविधा जरूरी भी थीं हमारे लिए। लेकिन फिर भी मोबाइल से पहले की दुनिया best थी मेरा मानना है। क्योंकि smartphones ना एक बीमारी से कम नहीं है। अलसी होकर एक जगह पड़े रहना। कोई कुछ कहे तो उसके बिल्कुल नहीं सुनना। मुझे पता है मोबाइल चलाए बिना कितनों को नी…
Top 10 Quotes Labour day special quotes "मेहनत से ये माना चूर है हम आराम से कोसों दूर है हम पर लड़ने पर मजबूर हैं हम मजदूर है हम, मजदूर है हम" - अससर-उल-हक-मजाज "मां है रेशम के कारखाने में बाप मसरूफ सूती मिल में है कोख से मां की जब से में निकला है बच्चा कोची के काले दिल में है जब यहां से निकल के जाएगा कारखाने के काम आएगा अपने मजबूर पेट की खातिर भूख भरमाए की बढ़ाएगा" …
मेरे सभी दोस्त कमीने है। सभी को घमंड है किसी न किसी चीज का, किसी को घमंड है अपनी सुन्दरता पर तो किसी को घमंड है अपनी बातों पर अौर तो और किसी को घमंड है कि उसकी "Facebook" पर "सेटिंग" है। कोई "Girlfriend" के लिए "Sadstatus" लगा रहा है, तो कोई उसे चिढ़ा रहा है। सब किसी न किसी काम में व्यस्त हैं "कोई पटाने में, तो कोई मनाने में किसी को भी अपने भविष्य की कोई चिंता नहीं है। उनको तो बस इस बात की चिंता है कि "मेले बाबू ने थाना खाया।।" सभी को कुछ करना है …
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